Child Marriage Data : बाल-विवाह हम सभी ने कभी ना कभी इस विवाह के बारे में जरूर सुना होगा। और हमारे पूर्वज हमेशा अपने जमाने की बाते करते हुए इस बात कि जिक्र करते हैं बताते हैं, उनके जमाने में कितनी कम उम्र में ही शादियाँ हो जाती थी। उन्हें तब इसका मतलब भी नहीं पता होता हैं। जैसे-जैसे समास में सुधार होता गया इन रीतियों में परिवर्तन होने लगा और भारत का संविधान आ जाने के बाद और न्यायपालिका द्वारा सख्त कदम उठाए जाने के बाद इन चीजो में कमी देखने को मिली हैं। लेकिन क्या आपको पता हैं, कि भारत में आज भी ऐसे कई देश हैं, जहाँ पर बाल-विवाह होते हैं। हम जब भी बाल-विवाह का जिक्र करते हैं तो हमारे मन में राजस्थान का नाम पहले आता हैं लेकिन इस लिस्ट में राजस्थान तो बहुत ही पीछे छूट गया हैं।

भारत में सबसे ज्यादा बाल-विवाह कहाँ होता हैं-

भारत के कानून के अनुसार शादियों की उम्र 21 वर्ष तय की गयी हैं। लेकिन कई राज्य ऐसे भी हैं, जो कानून को दरकिनार करके ऐसा कदम उठाते हैं। इन आकड़ो में 2020 के बाद बढ़ोत्तरी होती दिख रही हैं। 2021 में 1050 बाल विवाह रिपोर्ट हुए हैं और ये संख्या 2020 से ज्यादा है। जिसका मतलब है हर रोज 3 बाल विवाह हो रहे हैं। 2011 से 2021 की बात करे तो इस लिस्ट में सबसे ज्यादा बाल विवाह के मामले इन राज्यो में देखने को मिलते हैं। बाल विवाह के 2021 में 1050 केस सामने आए थे और 2020 में 782 केस दर्ज हुए थे।

कर्नाटक-

बाल-विवाह के मामले भारत में सबसे ज्यादा कर्नाटक में देखने को मिलता हैं, जहाँ पर बाल-विवाह के 894 मामले दर्ज कराए गये।

तमिलनाडु-

भारत में बाल-विवाह के मामले में दूसरे नंबर पर तमिलनाडु हैं जहाँ पर 2021 में 649 मामले दर्ज हुए हैं।

पश्चिम बंगाल-

इस लिस्ट में तीसरे नबर पर पश्चिम बंगाल आता हैं, जहाँ 2021 में 619 मामले दर्ज हैं।

असम-

बाल-विवाह के मामले में चौथे नंबर पर असम का नाम आता हैं यहाँ पर 2021 में 596 मामले दर्ज हुए हैं।

महाराष्ट्र-

बाल-विवाह के मामले में पाँचवे नंबर पर महाराष्ट्र हैं। यहाँ पर 2021 में 280 मामले दर्ज हैं।

तेलंगाना-

बाल-विवाह के मामले में छठवें नंबर पर तेलंगाना हैं। यहाँ पर 2021 में 248 मामले दर्ज हैं।

हरियाणा-

बाल-विवाह के मामले में सातवें नंबर पर हरियाणा हैं। यहाँ पर 2021 में 202 मामले दर्ज हैं।

आंध्र प्रदेश-

बाल विवाह के मामले में आठवें नंबर पर आंध्र प्रदेश का नाम आता हैं। यहाँ पर 2021 में 194 मामले दर्ज हैं।

राजस्थान-

बाल-विवाह के मामले में राजस्थान का 9वां नंबर हैं। यहाँ पर 2021 में केवल 93 मामले दर्ज हुए हैं।