University Act (Amendment) Bill: विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक विधानसभा में पेश किया गया हैं। बता दे कि बुधवार, 7 दिसंबर को ये विवादित University Act Amendment Bill केरल विधानसभा में प्रस्तुत किया हैं। केरल की वाम सरकार ने राज्यपाल को विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति यानी University Chancellor के पद से हटाकर उनकी जगह प्रख्यात शिक्षाविदों को इस पद पर नियुक्ति करने के लिए ये विधयेक पास किया हैं। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और पिनराई विजयन सरकार के बीच यूनिवर्सिटीज में VCs की नियुक्ति समेत कई अन्य मुद्दों पर बहस जारी हैं।

जानिए विधयेक में किन-किन चीजो की जिक्र-

विधेयक में कुलपति (वीसी) पद के लिए पांच साल के कार्यकाल का प्रावधान किया गया हैं। विधेयक के अनुसार सरकार कृषि और पशु चिकित्सा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, समाज विज्ञान, मानविकी, साहित्य, कला, संस्कृति, कानून या लोक प्रशासन समेत विभिन्न क्षेत्रों के किसी शिक्षाविद या किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति को University VC नियुक्त कर सकते हैं। 'विधेयक में कुलपति के लिए उम्र सीमा और न्यूनतम शैक्षिक योग्यता का कोई जिक्र नहीं किया गया हैं। जिसकी वजह से इस विधेयक को लेकर लगातार विरोध हो रहा हैं।

विपक्ष द्वारा विरोध-

विपक्षी गठबंधन यूडीएफ के विधायकों ने कुछ आपत्तियां जताते हुए कहा कि अगर यह विधेयक पारित हो जाता है, तो इसे कानूनी चुनौतियों का सामना करने की बात कही हैं उनका कहना हैं कि विधेयक में कुलपति के उम्र व शैक्षिक योग्यता के बारे में जिक्र ना करने की वजह से सरकार अपनी मर्जी से किसी को भी इस शीर्ष पद पर बैठा सकती है. इससे विश्वविद्यालय की स्वायत्तता (Autonomy) नष्ट होगी और वह महज सरकारी विभाग बनकर रह जाएगी। जबकि कानून मंत्री ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF की आपत्तियों को राजनीतिक बताकर खारिज कर दिया हैं।

इस विधेयक को केरल विधानसभा की सब्जेक्ट कमेटी के पास भेजा जाएगा। उसके बाद 13 दिसंबर 2022 को इस दोबारा Kerala Assembly में रखा जाएगा। इन सबके बाद इसे राज्यपाल से पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा। उनके द्वारा मना कर देने के बाद राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।