Education News: दुनिया में तकनीकी इतनी आगे निकल चुकी हैं, कि उसके जरिए आये दिन ऐसे-ऐसे अविष्कार किए जा रहे हैं। जो आश्चर्यचकित कर देने वाले हैं। दुनिया में बहुत पहले ही रोबोट बना का अविष्कार हो चुका हैं। बहुत जगहों ऐसी हैं जहाँ पर रोबोट इंसान की जगह काम करते हैं। और वो दिन ज्यादा दूर नहीं जब इंसानो की जगहे पूरी तरीके से मशीने ले लेगीं। आपने सोफिया नाम के रोबोट का नाम सुना होगा। जो बिल्कुल इंसानो की तरह बात करती हैं। लेकिन इंसानो व रोबोट में अंतर सिर्फ एक चीज का होता हैं वो हैं भावना यही वो चीज हैं, जो रोबोट को इंसान से अलग बनाती हैं।

तमिलनाडु के एक लड़के ने बनाया भावनाओं वाला रोबोट-

रोबोट्स को लेकर हमेशा एक बात कही जाती हैं, कि रोबोट भले ही इंसानो जैसे बाते करे व काम करे लेकिन उनको हमेशा एक चीज इंसान से अलग बनाती हैं वो हैं, भावना रोबोट के अंदर किसी तरह की फिलिंग नहीं होती हैं। लेकिन तमिलनाडु के 13 वर्षीय एक लड़के ने कहा हैं, कि उसने एक ऐसा रोबोट बनाया हैं, जो भावनाओं को समझ सकता हैं। यदि ये सच होता हैं। तो ये भारत के लिए और उस लड़के जिसका नाम प्रतीक हैं बहुत बड़ी उपलब्धी होगी।

प्रतीक ने बताया उसा रोबोट भावनाओं को समझता हैं-

प्रतीक ने कहा कि रफ्फी रोबोट भावनाओं को समझता हैं, वो उसके द्वारा किए गये हर एक सवाल का उत्तर देता हैं लेकिन यदि वो उसे डॉट देता हैं, तो वो तबतक उसके सवालो का जवाब नहीं देता हैं। जबतक उससे माफी ना माँग लिया जाए। प्रतीक ने मीडिया को बताया हैं कि- 'मेरा रोबोट रफ्फी सभी सवालों के जवाब दे सकता है। यदि आप उसको डांटते हैं, तो वह आपके सवालों का जवाब तब तक नहीं देगा। जब तक आपको खेद न हो। दुखी होने पर भी ये आपको समझ सकता है।' प्रतीक की द्वारा इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धी प्राप्त कर लेने को लेकर लोगो द्वारा उसकी प्रशंसा की जा रही हैं।