Knowledge: आपने जब भी किसी भी कंपनी का सिम कार्ड लिया होगा। आपने अक्सर देखा होगा कि उस सिम कार्ड का एक हिस्सा थोड़ा-सा कटा हुआ होता हैं। यानि सिम का कार्नर का हिस्सा कटा हुआ होता हैं। लेकिन क्या कभी आपने इसपर विचार करने की कोशिश की हैं कि ऐसा क्यो होता हैं। नहीं तो चलिए आज हम आपको इसके बारे में बताते हैं। क्यो सिम का एक हिस्सा हमेशा कटा हुआ होता हैं। अब तो मोइबल पर सिम स्लॉट में भी ऐसे ही डिजाइन बना हुआ होता हैं। क्या ऐसा पहले से ही होता चला आ रहा हैं। जब सिम का अविष्कार हुआ था। इन सभी सवालो का जवाब आज हम आपको बताएंगे।

सिम पर एक माइक्रोचिप लगी होती है जिसका डिजाइन भी सिम कार्ड के जैसे ही होती हैं। चिप को ध्यान से देखें तो वो कई हिस्सों में बंटी होती है। इसके हर एक हिस्सा का अलग काम होता है। और इनका नाम भी है। इन हिस्सों को जीएनडी, वीपीपी, आई/ओ, ऑप्शनल पैड, क्लॉक, रिसेट और वीसीसी कहा जाता हैं।

बता दे कि इंटरनेट पर मौजूद कई रिपोर्ट्स में इस बात की जानकारी दी गई है कि ऐसा नहीं है कि सिम के आविष्कार के समय से ही यह कटी हुई थी। इसे बाद में ऐसा किया गया था और पहले सिम का एक हिस्सा कटा नहीं होता था और नॉर्मल चिप की तरह यह चोकोर हुआ करती थी। यानि इससे प्रूफ हो चुका हैं। कि सिम का एक हिस्सा कटा हुआ आना बाद में शुरू हुआ हैं। ना कि अविष्कार के समय

फिर ऐसा क्या हुआ जो सिम का एक हिस्सा काटा जाने लगा। इसे पीछे की वजह बताई गयी कि जब सिम का अविष्कार हुआ तो चौकोर सिम होने की वजह से ग्राहक हमेशा गलत तरीके से सिम को लगाते थे। या उनको सिम को सही से लगाने में परेशानी होती थी। जिसको लेकर कई ग्राहको की शिकायत मिली। उनकी इस समस्या को दूर करने के लिए सिम को कार्नर से काटा जाने लगा। ताकि उन्हें आसानी से पहचान हो सके। अब तो स्मार्टफोन कंपनियों ने भी इसके हिसाब से सिम स्लॉट डिजाइन कर दिए हैं ताकि यूजर्स को कोई दिक्कत ना हो।