Pre-Matric Scholarship 2022: सभी को शिक्षा का अधिकार प्राप्त हैं। सरकार द्वारा छात्रो की आर्थिक मद्द के लिए स्कार्लशिप दिया जाता हैं। लेकिन अब शिक्षा का अधिकार आरटीई कानून के तहत सभी छात्रों के लिए आठवीं कक्षा तक अनिवार्य शिक्षा के प्रावधान का उल्लेख करते हुए सरकार ने अब अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए Pre-Matric Scholarship योजना को 9वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों तक ही सीमित कर दिया।

Pre-Matric Scholarship Scheme के तहत अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों को केवल कक्षा 9वीं और 10वीं से पूर्णकालिक आधार पर दिया जाता हैं। लेकिन अब इन नियमों में बदलाव कर दिया गया हैं।

संस्थान के नोडल अधिकारी (आईएनओ)या जिला नोडल अधिकारी (डीएनओ) या राज्य नोडल अधिकारी (एसएनओ) को अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की Pre-Matric Scholarship योजना के तहत केवल कक्षा 9वीं और 10वीं में पढ़ने वाले छात्रो को ही सत्यापित करने को कहा गया हैं। सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले पर विपक्ष द्वारा सवाल भी उठाया गया हैं।

क्या किया गया बदलाव-

शिक्षा का अधिकार कानून, 2009 प्रत्येक बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा (पहली कक्षा से आठवीं) प्रदान करना सरकार के लिए अनिवार्य बनाता है। यह बात मोदी सरकार द्वारा एक नोटिस के जरिए सही ठहराते हुए कही गई हैं।

सरकार द्वारा जारी इस नोटिस में कहा गया हैं कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय तथा जनजातीय मामलों के मंत्रालय की प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के तहत कक्षा 9वीं और 10वीं में पढ़ने वाले छात्रों को ही कवर किया जाता है। इसी प्रकार 2022-23 से अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत कवरेज भी केवल कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रो के लिए ही होगी।