SCO Summit 2022: इस बार भारत सहित देश-दुनिया की निगाहे शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) के सम्मेलन पर टिकी हुई हैं। इस बार भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी, पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन व चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी हिस्सा लेगे। इस बार इस मीटिंग में रूस-यूक्रेन के बीच हो रहे युद्ध पर भी चर्चा होगा। तथा इसके साथ ही फूड सक्योरिटी पर भी चर्चा होगा। इस बार SCO Summit उज्बेकिस्तान में होगा। शंघाई को ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन समिट (SCO Summit) शुरू हो रहा है. इस बार समिट में भारत की मौजूदगी काफी अहम है। क्योंकि इस शिखर सम्मेलन के बाद भारत सितंबर 2023 तक के लिए एससीओ समूह की अध्यक्षता करेगा।

क्या हैं SCO Summit व कब हुई इसकी स्थापना-

  • शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) की स्थापना 15 जून, 2001 को हुई थी। इस संगठन में दुनिया के 8 देश शामिल हैं। इसमें चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रशिया, तजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान शामिल हैं।
  • शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन के दो पर्मानेंट हेडक्वार्टर हैं, पहला चीन के बीजिंग में और दूसरा, उज्बेकिस्तान का रीजनल एंटी-टेररिस्ट स्ट्रक्चर. इस साल उज्बेकिस्तान 2022 की SCO समिट का होस्ट है।
  • संगठन का लक्ष्य होता हैं आतंकवाद पर रोकथाम, व्यापार पर चर्चा, आर्थिक मुद्दो पर चर्चा कोई भी निर्णय लेने के लिए इसके सदस्यो की सहमति लेनी आवश्यक होती हैं। शिक्षा का दायरा और टूरिज्म को बढ़ाने के साथ पर्यावरण की सुरक्षा का ध्यान रखना भी संगठन के उद्देश्य में शामिल किया गया हैं।
  • एससीओ शिखर सम्मेलन रूस-यूक्रेन युद्ध, चीन के साथ भारत के सीमा विवाद और चीन-ताइवान के बीच बढ़ते तनाव पर चर्चा की जाएगी।
  • इस सम्मेलन में अलग-अलग मुद्दों के अलावा संगठन का बजट भी तय किया जाता है। इस बार 8 देशों के अलावा 4 वो देश भी शामिल होंगे, जिसे ऑब्जर्वर का स्टेटस मिला हुआ है. इसमें अफगानिस्तान, ईरान, बेलारूस और मंगोलिया शामिल है। हर साल ये बैठक होती हैं।

2019 के बाद पहली बार मिलेगे पीएम मोदी व सी जिनपिंग-

साल 2019 में ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) से इतर ब्रासीलिया में मुलाकात के बाद यह पहली बार होगा जब पीएम मोदी और शी जिनपिंग दोनों एक-दूसरे के आमने-सामने होगे।